Header Ads

मछली पालन, दे रहा है पैसा कमाने का मौका कमा कर बन जाओं अमीर


यह एक अच्छा व्यवसाय है मछली पालन का business कर के अच्छा खासा पैसा कमा सकते है मछली पालन करने के लिए सरकार की कई योजना ये दे रहे है आप ये व्यापार कर  सकते है ये एक ऐसा व्यवसाय है जो हर ऋतु मे चलता रहता है तो पूरी जानकारी लेने के लिए पढ़े -

मछली पालन ( pisciculture) machli palan

मछली पालन ( pisciculture) machli palan


1. मछली पालन कैसे करें? 


मछली पालन करने के लिए आप को उचित मात्रा मे पानी की जरूरत होगी  और मछलियों के अनुकूल पानी होना चाहिए खारे जलकी मछलीयों के लिए खारे और मीठे जल की मछलियों के लिए मीठे और मछलियों की सुरक्षा पर भी ध्यान रखना होता है आप इस तरह कर सकते है -

1. तालाब की तैयारी - 

मछलीयों को तलाब मे ही रखा जाता है और तलाब की सफाई और बनावट मछलियों के लिए अच्छी होनी चाहिए मछलियों के तलाब या कुंड को समय- समय पर साफ करते रहना चाहिए । 


० तलाब की सफाई -

मछली की बीज (जीरा) को डालने के पूर्व तालाब को साफ़ करना आवश्यक है। तालाब से सभी जलीय पौधों एवं खाऊ और छोटी-छोटी मछलियों को निकाल देना चाहिए। जलीय पौधों को मजदूर लगाकर साफ़ करना अच्छा रहता है और आगे ख्याल रखें कि यह पुन: न पनप सके। खाऊ तथा बेकार मछलियों को खत्म करने के लिए तालाब को पूर्ण रूप से सुखा दिया जाये या जहर का प्रयोग किया जायें। इसके लिए एक एकड़ तालाब में एक हजार किलोग्राम महुआ की खली डालने से दो-चार घंटों में मछलियाँ बेहोश होकर सतह पर आ जाती हैं। पानी में 200 किलोग्राम प्रति एकड़ ब्लीचिंग पाउडर के उपयोग से भी खाऊ मछलियों को मारा जा सकता है। पानी में इन जहरों का असर 10-15 दिनों तक रहता है।

तालाब में पानी की मात्रा 

तालाब में पानी 3 फिट से कम और 4 फिट से ज्यादा नहीं होना चाहिए. साथ ही अगर आप मछली पालन करने जा रहे हैं तो आपको तालाब में पानी की कमी न हो इसके लिए पानी की ब्यवस्था कर लेनी चाहिए.

मछली पालन ( pisciculture) machli palan

मछली पालन के लिए प्रजाति का चुनाव


मछली पालन मे तलाब के बाद दूसरा अहम भाग मछलियों का होता है अगर मछलियाँ  अच्छी प्रजाति की नही होगी तो आम दनी कम होगी इस लिए  ये मछलियों को ही ले -

आपको मत्स्य हैचरी के पास अनेक प्रकार के मछलियों की प्रजाति जैसे- रोहू मछली, कतला मछली, मांगुर मछली पालन, kawaii fish, म्रिगल, parava fish, ग्रास, कार्प, तिलापिया मछली, कैटफ़िश, कतला, चीतल, सिल्वर कार्प आदि के बीज मिल जायेंगे लेकिन आपको उसी प्रजाति के मछलियों का पालन करना है जिसका डिमांड आपके अपने इलाके या आपके अपने शहर में अधिक है

. कृत्रिम भोजन:

 मछली के अधिक उत्पादन के लिए प्राकृतिक भोजन के अलावा कृत्रिम भोजन की आवश्यकता होती है। इसके लिए सरसों की खली एवं चावल का कुंडा बराबर मात्रा में उपयोग किया जा सकता है। 
मछली पालन ( pisciculture) machli palan

मछली तालाब से कब निकालें:

मछलियों को तालाब से लगभग 12 महीने के बाद जब 1 से 1.5 किलो के हो जाएँ तब इन्हें बाहर निकालकर बेचना चाहिए. यदि छोटे आकार के मछलियों को बेचेंगे तो बहुत घाटा होगा. आज के इस पोस्ट में बस इतना ही, हमने आज इस लेख में जाना की मछली पालन की शुरुआत कैसे करें तो दोस्तों मिलते हैं किसी और जानकारी के साथ तब तक के लिए जय राम जी की.

मछली पालन योजना, मछली पालन लोन up - 

राज्य सरकार ने मछली पालन उद्योग के विकास के लिए बहुत से प्रयास  किए जा रहे है। इन प्रयासो से विभाग दशकों मे इसका व्यापार विस्तार हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों मे मछली पालन के प्रति कृषि व पशु पालन के समान, इसकी और लोगो का रुझान बढ़ा है इस ली ये कुछ योजना शुरू की है 

मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पहले साल तालाबों पर पट्टा धारक किसानों को 40 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी. यूपी सरकार ने अधिकतम इकाई लागत 4 लाख रुपये निर्धारित की है, जिस पर 1 लाख 60 हजार रुपये के अनुदान का प्रावधान है. इसमें भी दो चरण होंगे. पहले चरण में एक साल में 500 हेक्टेयर पर बने तालाबों का आबंटन होगा

मत्स्य पालन का महत्व - 

इस कारण यह व्यवसाय ऐसे लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती है। भारत में आज मछली पालन व्यापक पैमाने पर किया जा रहा है। मछलियों का निर्यात विभिन्न देशों में किया जाता है जो विदेशी मुद्रा अर्जित करने का महत्वपूर्ण स्त्रोत बन गई है। 
मछली पालन ( pisciculture) machli palan



इसका महत्व निम्नानुसार है -

भोजन के रूप मे -

मछली का माँस पूर्ण प्रोटीन है जिससे सभी अमीनो अम्ल प्राप्त मात्रा मे उपलब्ध रहते है, इसमे वसा कम एवं खनिज लवण विटामिन A. D. तथा आयोडीन  होता है मछली का माँस पाचन जल्दी होता है मछली का माँस बच्चो, गर्भवती महिलाओं एवं माताओं तथा लम्बी बीमारियों से ठीक रोगियों के लिए ठीक होता है । 

मछलियों का तेल

कई मछलियों से तेल प्राप्त होता है जिसके अंदर विटामिन A अधिक मात्रा मे पाया जाता है 

मछलियों की खाद

तेल निकालने के बाद मछली के कचरे को खाद के रूप मे प्रयोग किया जाता है 

मछलियों से कमाई


1 एकड़ में मछली पालन के माध्यम से 16 से 20 साल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. इससे किसान हर साल 5 से 8 लाख रुपये की कमाई कर सकता है.
मछली पालन ( pisciculture) machli palan



FAQ

Q1. मछली पालन कौन कर सकता है 

Ans; मछली पालन सभी वर्ग के लोग कर सकते है सरकार ने जो लोग गरीब सीमा वाले है उन के लिए कई योजना चलाई है। 

Q2. सबसे जल्दी बढ़ने वाली मछली कौन सी है?

ANS. कतला, भाखुर, रोहू आदि। 

Q3. मछली का बीज कहां मिलेगा?

ANS. मछली के बीज दिल्ली, सहारनपुर, हरिद्वार, आगरा, सूर सागर कोटा, रावत भाटा, उदयपुर, भीलवाड़ा, हनुमान गढ़
जैसे शहरों में मत्स्य हैचरी से खरीद सकते हैं. इसके आलावा विबिन्न राज्यों के जिले में भी मछली पालन विभाग होता है, जहाँ से मछली पालन से सम्बंधित जानकारी मिलती है.

Q. 4 कोनसी मछली पर सरकार ने बेन लगा रखा है। 

Asn : मांगुर मछली 

No comments

Powered by Blogger.