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गाय के निबन्ध एवं समुण जानकारी।

गाय हिंदू धर्म मे पुंजन्य है गाय को माता का दर्जा दिया गया है गायो और उनके बछड़ो को भी साथ मे पूजा जाता है। गाय से पचांग  अमृत प्राप्त होता है जो निम्न है - दूध,घी, दही, मूत्र, गोबर इन सब को ही पचांग  अमृत कहा गया है आज हम गाय के शरीर की सरचना Or गाय की बीमारी,गाय का वैज्ञानिक नाम, गाय की बीमारी, गाय की नस्ले , समान्य जानकारी   निम्न बातो के बारे मे जाने गे। 

गाय
 

गाय का निबन्ध


गाय को प्राचीन काल से ही पुंजन्य माना गया है और आज भी यह प्रथा है गाय से प्राप्त समाग्री  को पूजा आदि मे काम लिया जाता है। गाय को रुद्र की जननी, वसुओ की पुत्री और अादित्यो की बहन एवं अमृत मयी है। 

गाय का निबन्ध

  • गाय के दो कान होते है। 
  • गाय के दो आँख होती है। 
  • गाय के चार पैर होते है। 
  • गाय के चार थन होते है। 
  • एक पूछ होती है। 
  • दो सिंग होते है दो नाक के छेद होते है। 
  • एक मुह होता है। 
  • गाय का रंग सफेद, काला, धूसर सफेद, बदामी, या मिश्रित रंग का होता है। 
  • कुछ गायो मे कुबड़ होती है और कुछ मे नही 

गाय का वैज्ञानिक नाम -   

( बोस इंडिकस है) 



गाय की बीमारी- 

   
  • थनेला
  • गलघोटु
  • जहरबाद
  • विसर्प 
  • निमोनिया
  • वत्स पेचीस
  • ब्रक्सि
  • पुलोरम
  • चेचक
  • पशु प्लेग
  • रानी खेत
  • नील जिहा
  • दाद 
  • खुजली
  • दुग्ध ज्वर
  • आफरा
  • योक गाल आदि बीमारिया है। 

 गाय की नस्ले - 

  • गिर
  • राठी
  • मालवी
  • मेवाती
  • हरियाणा
  • हॉल स्टिन
  • जर्सी
  • साहिवान
  • देवनि
  • खिल्लरि
  • हिलरी आदि है 

समान्य जानकारी -


  • भारत मे विश्व की 23 ℅ गोजाति मवेसी जंसख्या पाई जाती है। 
  • भारत मे गाय का औसत 175 लीटर दूध उत्पादन हैं
  • भारत मे कुल  राष्ट्र आय 15 ℅ गाय से प्राप्त होता है। 
  • पशुओ मे से सबसे जादा आय गो से ही है। 
  • गाय का तापकम 101.5° होता है। 
  • गाय का औसत  ऋतुचक्र 21 दिन की  अवधि  होती है। 

गायो से प्राप्त उत्पाद  -


  • दूध - गाय से दूध प्राप्त होता है जिसका उपयोग पूजा और खाद्य सामग्री बनाने के उपयोग मे लिया जाता है                                   
  • गोबर - गाय से गोबर प्राप्त होता है जिसका उपयोग घर आँगन और पूजा, खाद बनाने और खेती मे उपयोग लिया जाता है।          
  • मूत्र - मूत्र का उपयोग घर को पवित्र और पूजा पाठ के साथ इस का उपयोग रोगों से बचने के लिए किया जाता है। 

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